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अब्दुल्ला की चुनौती के बाद राम माधव ने वापस लिए अपने शब्द

जम्मू कश्मीर में विधानसभा भंग करने के राज्यपाल के फैसले की पृष्ठभूमि में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दु्ल्ला और बीजेपी महासचिव राम माधव के बीच तीखे बाण चले. पाकिस्तान की शह पर नेशनल कांफ्रेंस द्वारा पीडीपी से गठजोड़ करने के राम माधव के आरोप को अब्दुल्ला द्वारा साबित करने की चुनौती देने के बाद बीजेपी महासचिव ने अपने शब्द वापस ले लिए.

राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा विधानसभा भंग किए जाने के एक दिन बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने प्रदेश सरकार बनाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त और धन के प्रयोग संबंधी दावों की जांच कराने की मांग की. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने बीजेपी महासचिव राम माधव को चुनौती दी कि वह अपने आरोप को साबित करें कि पाकिस्तान के कहने पर पीडीपी-नेकां गठबंधन हुआ है.

अब्दुल्ला ने कहा,‘देश की संप्रभुत्ता की रक्षा के लिए नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकर्ताओं के बलिदान को आप नहीं भुला सकते हैं. उन्हें माफी मांगनी चाहिए.’

इसके बाद राम माधव ने बृहस्पतिवार को अपने ट्वीट में कहा,‘परेशान न हों, उमर अब्दुल्ला.. आपकी देशभक्ति पर सवाल नहीं उठा रहा हूं . लेकिन नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के बीच अचानक उमड़े प्रेम और सरकार बनाने की जल्दबाजी के कारण कई संदेह पैदा हुए और राजनीतिक टिप्पणी आई . आपको कष्ट पहुंचाने के लिये नहीं .’

इसके बाद अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि कोई दूसरी बात नहीं चलेगी, आपने दावा किया कि मेरी पार्टी पाकिस्तान की शह पर काम कर रही है तो आपको यह आरोप साबित करने की चुनौती देता हूं . अगर आपके पास कोई सबूत है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने निकाय चुनाव का पाकिस्तान की शह पर बहिष्कार किया तो इस बारे में सबूत सार्वजनिक करें .

‘तब में अपनी बात वापस लेता हूं’ 
राम माधव ने इसके बाद माहौल सामान्य करने का प्रयास करते हुए एक अन्य ट्वीट किया. उन्होंने कहा, ‘अब आपने किसी बाहरी दबाव की बात से इंकार किया है, तब मैं अपनी बात को वापस लेता हूं . लेकिन आपने साबित किया कि नेकां और पीडीपी के बीच असली प्रेम था जो सरकार बनाने के विफल प्रयास के रूप में सामने आया . आपको अब साथ चुनाव लड़ना चाहिए . यह ध्यान दें कि यह राजनीतिक टिप्पणी है, व्यक्तिगत नहीं .’

 

वहीं, जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट में कहा कि जम्मू कश्मीर की मुख्य राजनीतिक दलों पर आधारहीन आरोप से स्तब्ध हूं जो राममाधव जी ने पाकिस्तान के निर्देश का पालन करने के संबंध में लगाए हैं .  उन्होंने कहा कि यह देखकर दुखी हूं कि देश में राजनीतिक चर्चा का स्तर नीचे गिर गया है . यह आश्चर्यजनक है कि जब नेकां या पीडीपी गठबंधन में बीजेपी के साथ होती है तब विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठाये जाते हैं .

राम माधव ने एक दिन पहले ही कहा था कि पीडीपी-एनसी ने पिछले महीने निकाय चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया था, वह आदेश भी उन्हें सीमा पार से आया था. ऐसा लगता है कि राज्य में सरकार बनाने को लेकर साथ आने के बारे में उन्हें नए निर्देश मिले होंगे . इसी कारण राज्यपाल को इस विषय पर विचार करना पड़ा .

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