भांग से बानी दवा का असर करेगा असहनीय दर्द को बे-असर

यह बात जम्मू स्थित काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ( सीएसआइआर)- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन (आइआइआइएम) और एक दवा कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से तैयार सम्मेलन में सामने आई। जिस भांग को सिर्फ एक नशीले पदार्थ के रूप में जाना जाता है वही अब गंभीर बीमारियों में दर्द से राहत दिलाने का काम करेगी। इसका परिक्षण टाटा मेमोरियल अस्पताल में होगा।

भांग से दवाएं बनाने में जम्मू स्थित आइआइआइएम ने उत्साहजनक कामयाबी हासिल की। सिकेल सेल एनीमिया जैसी जेनेटिक बिमारी जिसमे मरीज़ों को तीव्र पीड़ा से गुज़रना पड़ता है। सीएसआइआर-आइआइआइएम के निदेशक डॉ. राम विश्वकर्मा ने कहा कि भांग से इस बिमारी के इलाज के लिए भी दवा विकसित की जाएगी। दिल्ली के एम्स अस्पताल के साथ मिलकर मिर्गी की भी दवा विकसित की जाएगी। अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने भी शोध की स्वीकृति दे दी है, पर यहाँ के मुकाबले वह दवाएं महंगी हैं।

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