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2013 Muzaffarnagar riots : सभी 7 दोषियों को अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा

मुजफ्फरनगर कवाल कांड में मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की हत्या के केस में एडीजे कोर्ट संख्या-7 ने सभी सात हत्यारों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश हिमांशु भटनागर ने सभी हत्यारों पर 14 लाख 84 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। छेड़छाड़ की घटना को लेकर 27 अगस्त 2013 को कवाल गांव में तीन व्यक्तियों की हत्या के बाद मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी.

27 अगस्त, 2013 को जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में यह दोहरा हत्याकांड बर्बर तरीके से अंजाम दिया गया था। पांच साल चली सुनवाई के बाद छह फरवरी को अदालत ने सभी सातों आरोपियों को दोषी करार दिया था। सुरक्षा व्यवस्था के साथ कचहरी में फैसले को लेकर गहमागहमी रही।

मुजफ्फरनगर न्यायालय के एडीजी-7 ने कवाल गांव की घटना के दोषियों को सजा सुनाई. छेड़छाड़ से पीड़ित लड़की के ममेरे भाई गौरव और सचिन की हत्या के लिए सात व्यक्ति दोषी करार दिए गए. गौरव और सचिन की 27 अगस्त 2013 को हत्या की वारदात के बाद मुज़फ्फरनगर में दंगा हो गया था.

बता दें कि फैसले को लेकर शुक्रवार को सुबह से भी कचहरी परिसर में भारी भीड़ थी। कोर्ट में पूर्वाह्न 11.45 बजे सभी मुजरिम पेश किए गए। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की सजा के प्रश्न पर 18 मिनट बहस चली। तीन घंटे के अंतराल के बाद न्यायाधीश हिमांशु भटनागर ने 3.20 बजे बहुप्रतीक्षित कवाल के दोहरे हत्याकांड का फैसला सुनाया।

अदालत ने मुजम्मिल, मुजस्सिम, फुरकान, नदीम, जहांगीर, अफजल और इकबाल को गौरव और सचिन की हत्या के मामले में आजीवन कारावास से दंडित किया है. मुज़फ़्फरनगर कोर्ट ने बुधवार को कवाल गांव में उक्त दो युवकों की हत्या के मामले में सातों को दोषी ठहराया था. जिला और सत्र न्यायाधीश हिमांशु भटनागर ने हत्या तथा दंगे के जुर्म में सात लोगों को दोषी करार दिया था.

मुजरिमों पर 14 लाख 84 हजार का अर्थदंड लगाया है, जिसमें प्रत्येक पर अलग-अलग धाराओं में कुल 2.12 लाख का जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने अर्थदंड की धनराशि में से 80 प्रतिशत की राशि मृतकों के परिजनों को अदा करने का आदेश दिया है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी मुजरिमों को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया।

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