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बिहार में बड़े स्तर पर शिक्षक नियुक्ति में फर्जीवाड़ा, 162 फर्जी शिक्षकों की छुट्टी

बिहार में शिक्षक नियुक्ति में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। जहां जांच के दौरान विभाग ने बड़े पैमाने पर फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त किया है। तो वहीं विभाग को झटका तो तब लगा जब जांच में उन्हें एक ही प्रमाण-पत्र पर तीन शिक्षकों के नौकरी करने का मामला सामने आया। शिक्षक नियुक्ति में ऐसी बदहाली देखर खुद विभाग भी हेरान-परेशान से हो गए है। जहां हाईकोर्ट के निर्देश पर 75 फर्जी शिक्षकों ने खुद त्याग-पत्र दे दिया था वहीं अबतक कुल 162 फर्जी शिक्षक जांच में पकड़ायें हैं।इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी मिथिलेश कुमार ने बताया कि स्थापना डीपीओ चन्द्रशेखर प्रसाद शर्मा द्वारा पूर्णिया के बनमनखी और रुपौली प्रखंड में जांच की गई। शिक्षा विभाग और निगरानी द्वारा दी गई सीडी से मिलान कर जांच करने पर बनमनखी में 107 और रुपौली में अबतक 55 फर्जी शिक्षक पकड़े गए हैं। जांच में पाया गया कि एक ही टीईटी प्रमाण-पत्र पर दो-तीन शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। नियोजन ईकाई को इन शिक्षकों को बर्खास्त करने का पत्र भेजा गया है।उधर डीईओ ने कहा कि करीब एक साल पहले हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि नियत समय सीमा में फर्जी शिक्षक खुद त्यागपत्र दे दें। त्यागपत्र देने वाले शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। इस दौरान सिर्फ पूर्णिया जिले में 75 फर्जी शिक्षकों ने त्यागपत्र दे दिया था। डीईओ ने कहा कि अभी महज दो प्रखंडों में जांच हुई है। अन्य प्रखंडों में भी जांच चल रही है। उम्मीद है कि फर्जी शिक्षकों का आंकडा सैकडों में होगा। साथ ही डीईओ ने कहा कि फर्जी पाये गये बर्खास्त शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कर विभाग के निर्देशानुसार कार्रवाई होगी। वहीं सीपीएम के जिला अध्यक्ष सुनील सिंह ने मांग की है कि पूरे बिहार में सभी प्रखंडों में फर्जी शिक्षकों की जांच हो।

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