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बिहार में भोजपुर के बेहरा गांव में पसरा मातम, आज राजकीय सम्मान के साथ होगा शहीद मुकेश का अंतिम संस्कार

सुशासन का ठप्पा लगाकर खुद का पीठ थपथपाने वाली नीतीश सरकार के शासन में इन दिनों बिहार में अपराधियों के तांडव से पुलिस महकमा भी बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। हाल की घटनाओं को देखा जाए तो पूरे बिहार में पुलिस के ऊपर कई हमलों के खबरें सामने आई हैं लेकिन इस बार निशाना बिहार की राजधानी पटना में हुई है। जहां बीते शाम राजधानी पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के न्यू बाईपास में प्राप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करने गई पुलिस टीम और अपराधियों के बीच हुए मुठभेड़ में भोजपुर के रहने वाले एक पुलिसकर्मी को अपने जान से हाथ धोना पड़ा। घटना के बाद से पूरे गाँव में मातम पसरा हुआ है और परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल हुआ है। राजधानी पटना में एक मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मी मुकेश कुमार, पिता स्व० विशुन दयाल राम, बिहार के भोजपुर जिले के आरा सदर प्रखंड के धोबहां ओपी के बेहरा गांव के निवासी थे। जो पटना में एसएसपी के रंगदारी सेल में सेवारत थे। घटना में शहीद होने के बाद आज शहीद पुलिसकर्मी का पार्थिव शरीर उनके गांव लाया जाएगा। बेहरा गांव निवासी मुकेश कुमार वर्ष 2007 में दसवीं पास करने के बाद ही बिहार पुलिस में शामिल हुए थे। वह इन दिनों पटना में एसएसपी के रंगदारी सेल में तैनात थे। अपने मां-बाप के तीन बेटों में मुकेश सबसे छोटे और प्यारे बेटे थे। वो अपनी मां को बहुत चाहते थे। मुकेश के पिता स्व० विशुन दयाल राम भी सीआरपीएफ में थे जो अब इस दुनियां में नहीं रहें। मुकेश के दो भाई हैं जिनमें से एक बड़ा भाई संतोष पासवान भी बिहार पुलिस में ही कार्यरत है और मंझला भाई राकेश पासवान गांव में ही किराना दुकान चलाता है। गाँव पर बने घर में मां तेतरा देवी और भाई राकेश पासवान रहा करते हैं। बेटे की शहादत की सूचना के बाद से माँ का रो-रोकर बुरा हाल हुआ है। माँ तेतरा देवी बेटे की मौत की सूचना के बाद से बदहवास पड़ी हैं।सुहाग के उजड़ने की खबर सुनकर शहीद की पत्नी राखी देवी की तो मानिए जैसे दुनियां ही उजड़ गई हो। पति की मौत की खबर सुनने के बाद से ही पत्नी राखी के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मुकेश और राखी के दो लड़कें और एक लड़की है। गांव में भी सैकड़ों लोगों के बीच, छोटे-छोटे मासूम बच्चें आरुष, नंदन और पिया के आँखें में आँसू अब उनके पापा के कभी ना लौट कर आने की गवाही बने हुए हैं। शहीद की पत्नी ने बताया कि घर की पूरी जिम्मेदारी मुकेश के कंधे पर ही थी। अब वह हमें बेसहारा छोड़कर चले गए हैं।
बता दें कि बीते शाम पटना में अपराधियों के खिलाफ छापेमारी करने गई पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई थी जिसमें मुकेश को तीन गोलियां लगी थी जिसके बाद तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया मगर तबतक काफी देर हो गई थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।घटना के बाद एसएसपी पटना ने बताया कि रामकृष्णगर थाना अंतर्गत हत्या का आरोपी उज्ज्वल को गिरफ्तार करने पुलिस गई थी। छापेमारी के दौरान एक सिपाही मुकेश सिंह को लगी गोली इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने आगे कहा कि मुकेश की शहादत बेकार नही जाएगी। हमारे जवान ने बहुत बहादुरी से अपराधी का सामना किया जबकि अपराधी ने पीछे से गोली चलाई। दो अपराधी को टीम के पकड़ा लेकिन एक अपराधी भीड़ का फायदा उठा कर भागने में सफल रहा। सभी अपराधी जल्द पकड़े जाएगें। शहीद मुकेश को सम्मानित किया जाएगा। पुलिस एशोसिएशन और ऑफिसर भी एक दिन का अपना वेतन शहीद के परिवार को देंगे।आज उनका पार्थिव शरीर वाहन से भोजपुर उनके पैतृक गांव पहुंचेगा। उसके बाद पूरे सम्मान के साथ पैतृक घाट पर विधिवत तरीके से अंतिम संस्कार करने की व्यवस्था की गई है।मुकेश कुमार कुछ ही दिन पहले दीपावली के अवसर पर अपने गाँव पहुंचे थे और दीपावली की अपनी छुट्टी पूरी कर ड्यूटी पर वापस लौटे थे। बीते शाम वरीय पुलिस अधिकारी की ओर से परिजनों को फोन पर मुकेश कुमार के शहीद होने की जानकारी दी गई। इसके बाद से परिजनों के आँखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूरे गाँव में कोहराम मचा हुआ है। आज हर किसी की आंखें नम हैं। भोजपुर जिले के बेहरा गांव में विशुन दयाल राम और तेतरा देवी के घर जन्मे मुकेश कुमार ने बचपन से ही पुलिस में जाने का मन बना लिया था। पढ़ाई में वह शुरू से ही अव्वल थे। शुरू से ही उनकी रुचि खेलकूद में भी रही है। दसवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही उनका सेलेक्शन बिहार पुलिस में हो गया था। मुकेश दीपावली की छुट्टियों में अपने गांव आये थे। यह उनका आखिरी बार घर आना हुआ यही जानकर गांव में शोक की लहर छाई हुई है।

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