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परीक्षा से पहले BSSC के प्रश्नपत्र लीक, क्वेश्चन पेपर लेकर भागा कैंडिडेट

बिहार में एक बार फिर क्वेश्चन पेपर आउट होने का मामलासामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि कल शनिवार को राजधानी पटना सहित बिहार के सभी जिलों में बीएसएसी परीक्षा का आयोजन किया गया था। परीक्षा आरम्भ होने से पहले ही क्वेश्चन पेपर बाजार में आ गए थे।ताजा अपडेट अनुसार बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) के प्रथम इंटरस्तरीय संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा का प्रश्नपत्र पटना और कुछ जिलों में लीक होने की चर्चा है। शाम चार बजे दूसरी पाली की परीक्षा खत्म हुई, तब तक मोबाइल पर प्रश्नपत्र वायरल होने लगा। इस बार परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने की मनाही थी। ओएमआर शीट के साथ ही परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र भी ले लिया गया था। ऐसे में प्रश्नपत्र वायरल होने को लेकर तरह-तरह की शंकाएं जताई जा रही है।बिहार कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन संजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रश्नपत्र वायरल होने की जानकारी उन्हें भी मिली है, लेकिन अभी उसका वेरिफिकेशन नहीं हो पाया है कि वायरल प्रश्नपत्र प्रथम इंटरस्तरीय प्रारंभिक परीक्षा का ही है। यह तय होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उस सेंटर को चिह्नित किया जाएगा, जहां से प्रश्न का फोटो खींचा गया है। चेयरमैन के अनुसार, प्रश्नपत्र की फोटो ली भी गई है तो उसे परीक्षा खत्म होने के बाद ही प्रसारित किया गया होगा, क्योंकि सभी सेंटरों पर जैमर लगे हुए थे। कहीं भी मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर रहा था।
आयोग के सचिव योगेंद्र राम ने बताया कि परीक्षा समाप्त होने के बाद व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आ रहा है। सभी डीएम को आदेश दिया गया है कि पूरे मामले की जांच कर आयोग को भेजें। डीएम को यह भी कहा गया है कि इस मामले की जांच की जाए कि वायरल हुए प्रश्नपत्र इंटरस्तरीय परीक्षा का है या नहीं। पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई होगी। पटना के पुनाईचक स्थित रामलखन सिंह यादव स्कूल में पहली पाली की परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षार्थी संजीव उरांव प्रश्नपत्र लेकर भाग गया। इसकी शिकायत मजिस्ट्रेट नीरा कुमारी ने शास्त्रीनगर थाने में दर्ज कराई। थाना प्रभारी निहार भूषण ने बताया कि देर शाम मजिस्ट्रेट ने इसकी लिखित शिकायत की है।पटना। प्रथम इंटरस्तरीय संयुक्त परीक्षा के प्रथम दिन शनिवार को 50 फीसदी परीक्षार्थी ही शामिल हुए। छह लाख 52 हजार को प्रवेश पत्र निर्गत किए गए थे, लेकिन करीब तीन लाख ही शामिल हुए। दूसरे के बदले परीक्षा दे रहे तीन के अलावा पांच को गिरफ्तार किया गया, जबकि सात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

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