चुनाव के समय गरमाया राम मंदिर का मुद्दा, देखे क्या करेगी बीजेपी

25 नवंबर को राम की नगरी अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद यानी वीएचपी की तरफ से बुलाई गई। धर्मसभा’ की बैठक में चित्रकूट धाम के स्वामी राम भद्राचार्य ने बयान दिया कि 11 दिसंबर के बाद केंद्र की मोदी सरकार राम मंदिर पर कोई बड़ा फैसला ले सकती है।
यही नहीं स्वामी राम भद्राचार्य ने ये भी कहा है कि केंद्र सरकार 6 दिसंबर को ही कुछ करने की तैयारी में थी। लेकिन, इस वक्त चुनाव आचार संहिता होने के चलते ऐसा नहीं कर पाई। ‘मोदी सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने उन्हें इस बात का भरोसा दिलाया है ,और उन्हें उम्मीद है कि 11 दिसंबर के बाद कोई बड़ा निर्णय जरूर होगा. यह निर्णय अध्यादेश भी हो सकता हैं।

संघ परिवार का भी पुरा समर्थन

स्वामी राम भद्राचार्य का बयान अयोध्या से आया तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी दिन राजस्थान के अलवर में चुनावी रैली के दौरान कांग्रेस पर राम मंदिर की सुनवाई के मामले में देरी कराने का आरोप लगा दिया हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘जब सुप्रीम कोर्ट का कोई जज अयोध्या जैसे गंभीर संवेदनशील मसलों में देश को न्याय दिलाने की दिशा में सबको सुनना चाहता है तो कांग्रेस के राज्यसभा के वकील सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्तियों के खिलाफ महाभियोग लाकर उनको डराते धमकाते हैं। कांग्रेस न्याय प्रक्रिया में दखल देती है।

25 नवंबर को अयोध्या हुआ राममय

रविवार 25 नवंबर को सुबह से ही धर्मसभा में जुटे साधु-संतों और ‘राम-भक्तों’ के जमावड़े ने पूरी अवध नगरी को ‘राममय’ कर दिया था. राम-नाम के जयघोष के बीच अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं की बस एक ही मांग थी कि जल्द से जल्द राम लला का मंदिर बनाया जाए. वीएचपी नेताओं से लेकर सभी साधु-संतों ने एक सुर में एक ही मांग की, अध्यादेश के जरिए मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया जाए. वीएचपी ने साफ कर दिया कि किसी भी कीमत पर अयोध्या में राम जन्म भूमि के टुकड़े करने की कोशिश मंजूर नहीं होगी.’

 

Be the first to comment

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.