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गिरफ्तार होंगी IAS बी चंद्रकला! CBI ने खोली दी पूरी पोल पट्टी-अखिलेश यादव भी नपेंगे


हमीरपुर की तत्कालीन DM बी. चन्द्रकला(B.Chandrakala) समेत सहित कई नेताओं के खिलाफ शनिवार को CBI की छापामारी से खनन विभाग में हड़कंप है। सीबीआई ने इस मामले में आईएएस चंद्रकला समेत 11 अरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले को लेकर पूर्व सीएम अखिलेश यादव से भी पूछताछ हो सकती है।

खनन के खेल का है ये पूरा मामला :

तेलंगाना के करीमनगर की मूल निवासी IAS बी. चंद्रकला ने आईएएस 15 अप्रैल 2012 में हमीरपुर जिलाधिकारी का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वह इलाहाबाद में सीडीओ थीं। हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर याचिका लगाने वाले वकील विजय द्विवेदी ने शनिवार को बताया कि अखिलेश यादव की सरकार में उन्होंने यहां पहले 47 मौरंग खनन के पट्टे (लीज) जारी किए, फिर 13 मौरंग के पट्टे (लीज) और जारी किए थे। इसके लिए ई-टेंडरिंग का नियम था, जिसकी अनदेखी की गई थी।

 


द्विवेदी ने बताया कि मौरंग की खदानों में हमीरपुर, बांदा के एमएलसी रमेश मिश्रा, उनके भाई दिनेश मिश्रा का कब्जा रहा है। रमेश मिश्रा एण्ड कम्पनी नाम पर एक दर्जन से अधिक मौरंग के पट्टे थे। वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित की मां माया देवी के नाम पर भी कई मौरंग खनन के पट्टे थे।द्विवेदी ने कहा कि तत्कालीन डीएम बी.चन्द्रकला ने नियमों के खिलाफ मौरंग खनन के पट्टे जारी किए थे। जिन्हें काफी समय बाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। इसके बाद भी जिले में अवैध खनन का खेल चलता रहा। बी.चन्द्रकला 18 जून 2014 तक हमीरपुर की जिलाधिकारी रहीं पर अवैध खनन के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में करोड़ों की वसूली हुई।

ये लोग रखते थे हिसाब-किताब :

एडवोकेट विजय द्विवेदी ने बताया कि सिंडीकेट में संजय दीक्षित का भाई राकेश दीक्षित, विनीत पालीवाल, रामऔतार राजपूत समेत तमाम लोग हिसाब किताब रखते थे। उन्होंने बताया कि जिले में अवैध खनन की सीबीआई जांच हाईकोर्ट के आदेश से दो साल पहले शुरू हुई थी, जिसमें कई बार टीम ने हमीरपुर आकर मौरंग के पट्टे धारकों और अफसरों से पूछताछ की थी।मौरंग के एक पट्टे धारक को टीम ले गई थी। जांच में आईएएस चन्द्रकला का नाम भी आया। शनिवार को एमएलसी रमेश मिश्रा, बसपा नेता संजय दीक्षित व खनिज विभाग के रिटायर्ड लिपिक के घर पर सीबीआई की टीमों ने छापेमारी की। संजय दीक्षित के भाई राकेश दीक्षित के घर से भी सुबूत जुटाए गए।इसके साथ ही एमएलसी रमेश मिश्रा के कानपुर, बांदा सहित अन्य ठिकानों पर, तत्कालीन खनिज लिपिक रामआसरे प्रजापति, मौरंग व्यवसायी रामअवतार के यहां भी छापेमारी में सीबीआई को अहम दस्तावेज और नगदी मिली है।

किसी भी समय हो सकती है गिरफ्तारी :

एडवोकेट विजय द्विवेदी ने बताया कि सीबीआई की टीमें अभी भी जिले में हैं और छापेमारी की कार्रवाई के बाद आईएएस चंद्रकला सहित 11 लोगों के खिलाफ मामला भी लखनऊ में दर्ज हो गया है। अब आरोपियों की गिरफ्तारी किसी भी समय हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह मामला बहुत बड़ा है जिसमें तत्कालीन सपा की सरकार के मुखिया से भी सीबीआई पूछताछ कर सकती है। इधर, हमीरपुर में सीबीआई की छापेमार कार्रवाई से मौरंग व्यवसायियों में हड़कंप मचा हुआ है।

मामले में इन्हें बनाया गया है आरोपी :

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएएस अफसर चंद्रकला के साथ अवैध खनन के लिए आदिल खान, तत्कालीन खनन अधिकारी मोइनुद्दीन, खनन क्लर्क राम आश्रय प्रजापति, लीज होल्डर एमएलसी रमेश कुमार मिश्रा, उनके भाई दिनेश कुमार मिश्रा, अंबिका तिवारी, संजय दीक्षित-संजीव कुमार दीक्षित, सत्यदेव दीक्षित, रामअवतार सिंह, करण सिंह और दूसरे अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

कौन हैं बी. चंद्रकला :

बी. चंद्रकला 2008 बैच की यूपी कैडर की IAS हैं। उन्होंने सेंट्रल स्कूल से 12वीं पास की। ग्रैजुएशन के लिए हैदराबाद के कोटि वुमन्स कॉलेज में एडमिशन लिया। बी. चंद्रकला के आईएएस बनने का सफर संघर्षों से भरा रहा है। शादी के बाद उन्होंने डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रैजुएशन किया। इसके बाद यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए कड़ी मेहनत की और इसे पूरा करके दिखाया। वह एक बेटी की मां हैं और IAS बनने में उनके पति का रोल काफी अहम बताया जाता है।

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