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अवैध खनन : आईएएस बी चन्द्रकला से ईडी के दफ्तर में हुई पूछताछ

उत्तर प्रदेश में हुए अवैध खनन मामले में सीबीआई ओर प्रवर्तन निदेशालय की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में ईडी ने लखनऊ में आईएएस बी. चंद्रकला (IAS B Chandrakala ) से पूछताछ की। चंद्रकला ने अधिकांश सवालों का बेहिचक जवाब दिया तो कुछ सवाल असहज करने वाले रहे, जिनके जवाब से अफसर संतुष्ट नहीं हुए. उन पर नियमों का उल्लंघन कर ठेका देने का आरोप है। इसके पहले सीबीआई की टीम उनके नोएडा स्थित घर की तलाशी भी ले चुकी है।

सूत्रों के मुताबिक ED ने आईएएस चंद्रकला से जांच में आगे भी सहयोगात्मक रवैया बरतने के लिए कहा तो उन्होंने भी हामी भरी. इससे पहले भी ईडी ने 24 जनवरी को उन्हें हाजिर होने को कहा था. मगर आईएएस बी चंद्रकला ने दस्तावेजों के साथ अपने वकील को भेजकर खुद हाजिर होने में असमर्थता जताई थी. मगर ईडी की कड़ाई के बाद उन्हें बुधवार को हाजिर होना पड़ा.सूत्रों के मुताबिक अगर चंद्रकला हाजिर न होतीं तो ईडी के स्तर से गिरफ्तारी की भी कार्रवाई हो सकती थी.

इसी मामले में पहले प्रवर्तन निदेशालय ने खनन से जुड़े 11 कारोबारियों को समन जारी कर लखनऊ में सोमवार को तलब किया था। खनन कारोबारियों और उनसे जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर साक्ष्य जुटाया। अवैध खनन और सिंडीकेट से जुड़े इन कारोबारियों ने अकूत संपत्ति एकत्र की है। इन कारोबारियों की संपत्ति की जांच करने के लिए सीबीआई ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को जांच के लिए पत्र भेजा था।

प्रवर्तन निदेशालय ने बी चंद्रकला से उनकी संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगी है। साथ ही हमीरपुर में डीएम रहते हुए उन्होंने किन किन लोगों को अवैध खनन में लाभ पहुंचाया, इसके बारे में भी पूछताछ की जाएगी।

IAS B Chandrakala से ईडी ने की पूछताछ
        IAS B Chandrakala से ईडी ने की पूछताछ

आईएएस बी चंद्रकला (Ias B Chandrakala) से ईडी(ED) ने यह जानने पर जोर दिया कि उन्होंने किस आधार पर नियमों को दरकिनार कर हमीरपुर में कलेक्टर रहते खनन के पट्टे बांटे. क्या इसमें उनकी निजी रूचि थी या फिर शासन से कोई दबाव था. सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने सीबीआई के उस दावे के आधार पर भी चंद्रकला से सवाल किया, जिसमें पता चला था कि जब सीएम रहते अखिलेश यादव के पास खनन विभाग था, तो उनके सीएम दफ्तर ने एक ही दिन में 13 पट्टे जारी किए थे. यह तारीख थी 13 फरवरी 2013. सीबीआई की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि ई-टेंडरिंग प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए संबंधित तारीख को 13 पट्टे  धड़ाधड़ जारी किए गए थे. एक अन्य पट्टा दूसरी तारीख को जारी हुआ था.केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दावा किया था कि 2012 की ई-टेंडर नीति का उल्लंघन करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय से मंजूरी हासिल करने के बाद 17 फरवरी को हमीरपुर की जिलाधिकारी बी चंद्रकला ने खनन पट्टे दिये थे. उस नीति का 29 जनवरी 2013 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मंजूरी दी थी. इस पर भी ईडी अफसरों ने उनसे पूछा था कि क्या लखनऊ के पंचम तल से भी उन पर खनन पट्टे जारी करने का दबाव पड़ा. ईडी अफसरों ने चार घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की. ईडी ने यह भी पता लगाने की कोशिश की क्या खनन में उस समय के सत्ताधारी दल के नेताओं के पास भी हिस्सा पहुंचता था?

कैसे चर्चित हुईं चंद्रकला
बात 2014 की है. जब 2008 काडर की आईएएस बी चंद्रकला (IAS B Chandrakala )बुलंदशहर में डीएम थीं. उस दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर मानो तूफान की तरह वायरल हुआ था, जिसने चंद्रकला को  सोशल मीडिया की सनसनी बना दिया. इस वीडियो के बाद उनकी ख्याति ईमानदार आईएएस अफसर के रूप में बनी. दरअसल, उस वीडियो में वह ईंट से ईंट तोड़कर सड़क निर्माण की खराब गुणवत्ता का भंडाफोड़ कर रहीं थीं. इस दौरान ठेकेदार और इंजीनियर को सरेआम फटकार लगा रहीं थीं. बार-बार कर रहीं थीं कि भ्रष्टाचार करते… शर्म नहीं आती… बी चंद्रकला ने नगरपालिका के विकास कार्यों की जांच के दौरान पाया था कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है. इसके बाद उन्होंने ऐसे तेवर में मातहतों को फटकार लगाई कि उसका वीडियो वायरल हो गया था. लोगों ने ‘डीएम हो तो ऐसा’-कहकर खूब यह वीडियो शेयर किया था. इसके बाद चंद्रकला के सोशल मीडिया फॉलोवर्स की तादाद बढ़ती गई. मेरठ में डीएम रहने के बाद मार्च 2017 से प्रतिनियुक्ति पर वह दिल्ली पहुंचीं और केंद्र सरकार में इस वक्त कार्यरत हैं.

अभी किन-किन लोगों की फंसेगी गर्दन?

आपको बता दें कि हाईकोर्ट सितंबर 2017 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में अवैध खनन और मनमाने ढंग से खदानों के पट्टे देने को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए पूरे मामले की जांच की गई को सौंपी थी। सीबीआई ने 5 जिलों में जांच शुरू की। इसमें हमीरपुर में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां सामने आईं। यहां 60 से ज्यादा मौरंग खदानों के पट्टे मनमाने ढंग से दिए गए। अकेले चंद्रकला ने ही 50 से ज्यादा पट्टे जारी किए थे। चंद्रकला के अलावा सीबीआई ने यहां तैनात रहे सभी तत्कालीन जिलाधिकारियों और खनन से जुड़े अधिकारियों से भी पूछताछ की। अब सीबीआई दूसरे जिलों के भी तत्कालीन डीएम और खनन से जुड़े अफसरों से पूछताछ करेगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अवैध खनन मामले में पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान यह मामला कहां तक और किन-किन लोगों की गर्दन तक जाएगा, इसकी भी सुगबुगाहट तेज हो गई है।

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