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Pulwama terror attack : भारत ने रद्द किया पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा विदेश मंत्रालय पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूर्ण रूप से अलग-थलग करने के लिये कूटनीतिक पहल आरंभ करेगा।

नरेन्द्र मोदी सरकार ने आतंकवादी हमले के बाद बड़ा निर्णय लेते हुए पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया है। इस बात की पुष्टि करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सीसीएस बैठक में पुलवामा हमले की समीक्षा बैठक में दो मिनट का मौन रखा गया। जिन जवानों ने शहादत दी है उनपर देश को गर्व है। भारत सरकार ने पाकिस्तान को दिया हुआ मोस्ट फेवर्ड नेशन (Most Favoured Nation) का दर्जा वापस ले लिया है। विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए सभी संभावित कदम उठाए जाएंगे। बैठक में हुए सारे निर्णयों को बाहर नहीं बताया जा सकता है।

बैठक की जानकारी देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई सीसीएस की बैठक में भारत की ओर से पाकिस्तान को दिया गया सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (मोस्ट फेवर्ड नेशन) का दर्जा वापस लेने का फैसला किया गया। इस बारे में वाणिज्य मंत्रालय आगे की कार्रवाई करेगा।

उन्होंने बताया कि बैठक में पुलवामा आतंकवादी हमले के कारण उत्पन्न वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया और इस बारे में गहन विचार विमर्श किया गया। जेटली ने बताया कि बैठक में यह तय किया गया कि विदेश मंत्रालय पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूर्ण रूप से अलग-थलग करने के लिये कूटनीतिक पहल आरंभ करेगा।

जेटली ने आगे बताया कि पाकिस्तान को कूटनीतिक स्तर पर घेरने की तैयारी की जा रही है। भारत सरकार की ओर से शनिवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी और पुलवामा हमले पर चर्चा की जाएगी। सर्वदलीय बैठक की अगुवाई गृह मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। आपको बताते जाए कि भारत ने पाकिस्तान को 1999 में मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था।

क्या होता है एमएफएन?

MFN यानि मोस्ट फेवर्ड नेशन(Most Favoured Nation) एक खास दर्जा होता है। यह दर्जा व्यापार में सहयोगी राष्ट्रों को दिया जाता है। इसमें MFN राष्ट्र को भरोसा दिलाया जाता है कि उसके साथ भेदभाव रहित व्यापार किया जाएगा। डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुसार भी ऐसे दो देश एक-दूसरे से किसी भी तरह का भेदभाव नहीं कर सकते। इसमें यह भी कहा गया है कि अगर व्यापार सहयोगी को खास स्टेटस दिया जाता है तो WTO के सभी सदस्य राष्ट्रों को भी वैसा ही दर्जा दिया जाना चाहिए।

इसका मतलब केवल इतना है कि व्यापार में कोई भी देश जिसे ये दर्जा मिला हो वो किसी दूसरे देश की तुलना में घाटे में नही रहेगा। जब किसी देश को यह दर्जा दिया जाता है तो उससे उम्मीद की जाती है कि वह शुल्कों में कटौती करेगा। अलावा उन दोनों देशों के बीच कई वस्तुओं का आयात और निर्यात भी बिना किसी शुल्क के होता है। भारत ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा 1996 में दिया था। लेकिन पाकिस्तान ने आज तक भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा नहीं दिया है।

कब वापस लिया जा सकता है MFN (Most Favoured Nation) का दर्जा?

जानकारी के लिए आपतो बता दें कि WTO के आर्टिकल 21बी के तहत कोई भी देश उस सूरत में किसी देश से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले सकता है जब दोनों देशों के बीच सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर विवाद उठ गया हो। हालांकि इसके लिए तमाम शर्तें पूरी करनी होती हैं।

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