fbpx
Advertisements

CBI vs Mamata कोलकाता पुलिस प्रमुख की नहीं होगी गिरफ्तारी,पर CBI के साथ सहयोग करें : SC

सीबीआई बनाम पश्चिम बंगाल सरकार की लड़ाई में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली। शीर्ष अदालत ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार की गिरफ्तारी सहित उनके खिलाफ कड़े कदम उठाने से सीबीआई को रोक दिया। हालांकि कोर्ट ने इस मामले में पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी करते हुए राजीव कुमार को सीबीआई के समक्ष पेश होने और उन्हें जांच में सहयोग करने के लिए कहा है।

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को “लोकतंत्र की जीत” कहा।

कोलकाता में धरने पर बैठीं ममता ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, ‘यह जनता की जीत है और इस फैसले ने हमारे रुख को सही ठहराया है।’ साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार पश्चिम बंगाल सरकार को काम नहीं करने दे रही है। राज्य सरकार के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को परेशान किया जा रहा है। केंद्र हमें पैसा नहीं दे रहा है। यहां तक कि बंगाली कलाकारों को भी परेशान किया जा रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘यह जीत अकेले हमारी नहीं है बल्कि यह ‘सेव इंडिया’ और जनता की जीत है।’ सीबीआई ने अपनी अर्जी में आरोप लगाया है कि कोलकाता पुलिस ने उसके अधिकारियों के साथ बदसलूकी की। जांच एजेंसी की इस अर्जी पर कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी करते हुए राजीव कुमार को शिलांग के एक ‘तटस्थ स्थान’ पर जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने और जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है।

हालांकि, कोर्ट ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को गिरफ्तारी से राहत दी है. कोर्ट ने कहा है कि फिलहाल राजीव कुमार की गिरफ्तारी नहीं होगी. साथ ही एक कॉमन प्लेस के रूप में मेघालय के शिलॉन्ग में सीबीआई के सामने पेश होने के लिए कहा. पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि सीबीआई पुलिस अधिकारियों को परेशान कर रही है और राजीव कुमार को गिरफ्तार करना चाहती है.

कोर्ट में सीजेआई ने क्या कहा

-राजीव कुमार को पूछताछ में दिक्कत क्या है.

-पुलिस कमिश्नर जांच में सहयोग करें.

-राजीव कुमार सीबीआई के सामने पेश हों.

 

बंगाल सरकार की तरफ से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि सीबीआई राजीव कुमार को गिरफ्तार करना चाहती है. इस पर चीफ जस्टिस ने टिप्पणी करते हुए कहा, ‘समस्या ये है कि आप लोग बहुत सारी चीजें सोच लेते हैं.’

दोनों पक्षों की तमाम दलीलें सुनने के बाद चीफ जस्टिस ने आदेश दिया कि पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार सीबीआई जांच में सहयोग करें और इसके लिए वह शिलॉन्ग में सीबीआई के सामने पेश हों. कोर्ट ने कहा कि शिलॉन्ग एक न्यूट्रल जगह है, जहां सीबीआई दफ्तर में राजीव कुमार पेश हों.

इसके अलावा सीबीआई अधिकारी को जांच में बाधा पहुंचाने पर कोर्ट की अवमानना के मसले पर भी सीजेआई ने स्थिति स्पष्ट की. कोर्ट ने कहा है कि अवमानना के मसले पर डीजीपी से जवाब मांगा जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि सीबीआई की ओर से दायर कोर्ट की अवमानना की अर्जी खारिज कर दी। जांच एजेंसी ने सारधा चिट फंड केस में राजीव कुमार पर सहयोग न करने का आरोप लगाया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि राजीव कुमार ने ‘प्राथमिक साक्ष्यों को नष्ट किया और उनके साथ छेड़छाड़ की’। कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को करेगा।

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: