fbpx

प्रयागराज का कुंभ मेला, आखिर क्यों आते हैं लाखों श्रद्धालु

भारत में मनाए जाने वाले कई धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है प्रयागराज का कुंभ मेला । इसका आयोजन बहुत भव्य और आस्था से भरा हुआ होता है ।इस कुंभ मेले का आयोजन प्रयागराज में किया जाता है इस मेले में शामिल होने देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आते हैं‌। इस बार अर्धकुंभ 15 जनवरी 2019 से प्रारंभ होगा और 4 मार्च 2019 तक चलेगा। मकर संक्रांति 15 जनवरी 2019 को पहला शाही स्नान होगा जिसे राजयोगी के नाम से भी जाना जाता है ।कुंभ मेले का आखरी स्नान महाशिवरात्रि के दिन होता है जो इस बार 4 मार्च 2019 को पड़ रही है ।कुंभ मेले में आने के लिए श्रद्धालु बहुत ही उत्साहित रहते हैं ।

श्रद्धालुओं ने आने की तैयारियां शुरू कर दी है प्रयागराज में कुंभ मेले का लुफ्त उठाने वाले श्रद्धालुओं का टेन्ट लगना चालू हो गया है ।श्रद्धालुओं के साथ साथ प्रशासन भी वहां आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी ना हो इसकी तैयारी में लगे हुए हैं।यह मेला इतना भव्य होता है कि यहां आए हुए श्रद्धालु एक दूसरे से बिछड़ जाते हैं । ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कुम्भ मेले में लास्ट एंड फाउंड सेंटर बनाया है सिर्फ एक या दो नहीं बल्कि पूरे 15 सेंटर स्थापित किए गए हैं , जो आपको आपके अपनों को ढूंढने में मदद करेंगे। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इस बात को ध्यान में रखते हुए हर तरह की सुविधाओं का प्रबंध किया गया है।

प्रयागराज के कुंभ मेले में दूर-दूर से लाखों साधु संत भी आते हैं ।इनमें से सिर्फ 13 अखाड़े ही ऐसे हैं जो मान्यता प्राप्त है इनमें से 7शैव , 3वैष्णव व 3 उदासीन यानी सिक्ख अखाड़े हैं ।सभी अखाड़ों के नियम और कानून अलग अलग होते हैं। सभी के इष्ट देव और साधु की दिनचर्या भी अलग-अलग होती है। सभी अखाड़े अलग अलग समय पर स्नान करते हैं।

कुंभ मेले के शुभारंभ अवसर पर कुल 6 शाही स्नान होंगे। मकर संक्रांति 3(15 जनवरी 21 जनवरी )अमावस्या( 4 फरवरी )(10 फरवरी)( 19 फरवरी) महाशिवरात्रि( 4 मार्च )।कुंभ मेले में आए हुए 13 अखाड़े शुरूआती 3 शाही स्नानों में हिस्सा लेंगे। शाही स्नानों के लिये संगम तट के पास घाट बनाया गया है ‌। प्रत्येक अखाड़े को स्नान के लिए 45 मिनट का वक्त दिया जाएगा ।

भारत के प्रयागराज में मनाए जाने वाला यह कुंभ मेला महापर्व की तरह मनाया जाता है ।यहां पर होने वाले शाही स्नान में लाखों-करोड़ों श्रद्धालु और साधु-संत हिस्सा लेते हैं ।कहते हैं कि कुंभ कई परंपराओं ,भाषाओं और संस्कृतियों का संगम है। कुंभ मेले को दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में से एक माना जाता है ।

-शिवांगी

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.