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मध्य प्रदेश चुनाव: 15 साल बाद सत्ता में लौटेगी कांग्रेस या बना रहेगा शिवराज का ‘राज’?

मध्य प्रदेश विधानसभा की सभी 230 सीटों पर हुए चुनावों के लिये मतगणना मंगलवार 11 दिसंबर को सुबह आठ बजे से होगी। इस मतगणना के लिये सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किये गए हैं। 28 नवंबर को हुए चुनाव के मतदान के बाद आए एग्जिट पोल ने 15 साल से प्रदेश में सत्तारूढ़ बीजेपी एवं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर की संभावना व्यक्त की है। यह मतगणना 51 जिलों में की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी। डाक मतपत्रों की गिनती के बाद सुबह साढ़े आठ बजे से ईवीएम के वोटों की गिनती होगी।

जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि हर राउंड के परिणाम अलग-अलग घोषित किये जाएंगे. अगले राउंड की गिनती तभी शुरू होगी, जब उससे पहले राउंड के परिणाम घोषित किये जा चुके हों. शाम तक सभी सीटों के परिणाम आने की संभावना है। इस चुनाव में कुल 5,04,95,251 मतदाताओं में से 3,78,52,213 मतदाताओं यानी 75.05 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मतगणना के साथ ही 1,094 निर्दलीय उम्मीदवारों सहित कुल 2,899 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला हो जाएगा, जिनमें से 2,644 पुरूष, 250 महिलाएं एवं पांच ट्रांसजेंडर शामिल है।

बीजेपी ने सभी 230 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 229 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं और एक सीट अपने सहयोगी शरद यादव के लोकतांत्रिक जनता दल के लिये छोड़ी है। आम आदमी पार्टी (आप) 208 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 227, शिवसेना 81 और समाजवादी पार्टी (सपा) 52 सीटों पर चुनावी मैदान में है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी परंपरागत सीट बुधनी से चुनावी मैदान में है और उनके खिलाफ कांग्रेस ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरूण यादव को मैदान में उतारा है। चौहान इस सीट से चार बार जीत चुके हैं और हर बार उन्होंने इस सीट पर अपनी जीत का अंतर बढ़ाया है।

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