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Pulwama Terror attack : भारत पाक को FATF से कराएगा ब्लैकलिस्ट पाकिस्तान अगर ब्लैकलिस्ट हो जाता है तो दुनिया की अन्य आर्थिक संस्थाएं जैसे कि आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक, एडीबी, ईयू, मूडी, एसएंडपी और फिच पाकिस्तान के साथ कारोबार को खतरनाक सूची में डाल देंगे.

सरकार ने पाकिस्तान की तरफ से की जाने वाले आतंकी फंडिंग की घेराबंदी भी शुरू कर दी है। इसके लिए सरकार पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान का दोष साबित करने वाला एक डोजियर एफएटीएफ को सौंपेगी, जिसमें पड़ोसी देश के आतंकी रिश्तों को बेनकाब कर उसे ब्लैक लिस्ट घोषित कराना है। पाकिस्तान को उसे ब्लैक लिस्ट करने की मांग की जाएगी।

पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आतंकी हमले के बाद भारत कूटनीतिक और राजनीतिक स्तर पर पाक को दुनिया में अलग-थलग करने में जुटा है। इसके अलावा उसकी अर्थव्यवस्था पर भी प्रहार करने का प्रयास किया जा रहा है। अटैक में पाक स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ सामने आने पर भारत ने उससे मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया है। यही नहीं पाक से आयात होने वाली चीजों पर सीमा शुल्क भी 200 पर्सेंट बढ़ा दिया गया है।

                                                                   Pulwama Terror Attack

एक सुरक्षा अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि डॉजियर में जैश के पाकिस्तान के साथ संबंधों को उजागर किया जाएगा और यह बताया जाएगा कि कैसे इस आतंकी संगठन को पाकिस्तान से मदद मिलती है. डॉजियर में जैश के पिछले आतंकी हमलों का भी पूरा ब्योरा दिया जाएगा. एफएटीएफ के अलावा भारत अपना डॉजियर पाकिस्तान को भी सौंपेगा ताकि आगे कोई कार्रवाई हो सके. भारत एफएटीएफ पर पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट करने का दबाव बनाएगा. पेरिस स्थित इस वैश्विक आर्थिक संगठन की बैठक 17 से 22 अप्रैल तक चलेगी जिसमें कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं.

एफएटीएफ में ब्लैकलिस्ट होने का मतलब होगा पाकिस्तान दुनिया में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग नहीं कर रहा है. इसमें आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग को ध्यान में रखते हुए किसी देश को ब्लैकलिस्ट करने का प्रावधान है. पाकिस्तान अगर ब्लैकलिस्ट हो जाता है तो दुनिया की अन्य आर्थिक संस्थाएं जैसे कि आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक, एडीबी, ईयू, मूडी, एसएंडपी और फिच पाकिस्तान के साथ कारोबार को खतरनाक सूची में डाल देंगे.

पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट में शामिल करने के लिए भारत ने अगले सप्ताह पेरिस में होने वाली एफएटीएफ की पूर्ण सभा और वर्किंग ग्रुप बैठक में भी अन्य देशों पर दबाव बनाने की तैयारी की है। बता दें कि पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकियों को होने वाली फंडिंग पर नजर रखकर सचेत करने वाला संगठन है।

एक भारतीय सुरक्षा एजेंसी के शीर्ष पद पर तैनात एक अधिकारी के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां एफएटीएफ को दिया जाने वाला डोजियर तैयार कर रही हैं, जिसमें पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने और उसे पाकिस्तान से मदद मिलने के सबूत शामिल हैं। डोजियर में जैश की तरफ से पहले अंजाम दी गई आतंकी वारदातों का भी ब्योरा होगा। साथ ही यह जानकारी भी होगी कि आईएसआई समेत तमाम पाकिस्तानी एजेंसियां किस तरह जैश की मदद कर रही हैं।

बता दें कि एफएटीएफ ने भारत के दबाव में पिछले साल जुलाई में पाकिस्तान को अपनी ग्रे-लिस्ट में शामिल कर दिया था, जिसके बाद उसकी अर्थव्यवस्था को बेहद नुकसान हुआ था और अमेरिका ने भी आर्थिक मदद बंद कर दी थी।

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