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राजस्थान : गुर्जरों के आरक्षण आंदोलन के कारण दिल्ली-मुंबई रूट की दो ट्रेन रद्द

 Gujjar Protest in Rajasthan against reservation

राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार को गुर्जर समाज द्वारा प्रदेश सरकार को 4 बजे तक का वक्त दिया गया था. जिसके बाद मांग पूरी न होने के कारण गुर्जर शुक्रवार शाम से आंदोलन पर हैं. इसी कड़ी में शनिवार को सवाई माधोपुर के मलार्ना डुंगर स्टेशन पर गुर्जरों द्वारा प्रदर्शन किए जाने के चलते 7 ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया है.

आंदोलनकारियों ने दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर रेलगाड़ियों की आवाजाही रोक दी. गुर्जर समुदाय प्रदेश में नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में पांच फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे हैं. इससे पहले दिन में गुर्जर संघर्ष समिति (जीएसएस) के सदस्यों ने एक महापंचायत बुलाई. इसके बाद जीएसएस के सदस्य सवाई माधोपुर के पास मलारना डुंगर रेलवे स्टेशन पहुंचे और उन्होंने रेलमार्ग पर ट्रेनों का परिचालन बाधित कर दिया.

आंदोलन के कारण सवाई माधोपुर और बयाना जंक्शन रेल सेक्शन के बीच रेल यातायात प्रभावित है. दिल्ली-मुंबई रूट पर चलने वाली 22 ट्रेनें प्रभावित हैं. इनमें से दो ट्रेनों को रद्द किया गया है और बीस ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है. वहीं यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर(0744-2467153, 0744-2467149)भी जारी किया गया.

बता दें कि गुर्जरों ने सरकार को 20 दिन का अल्टीमेटम दिया था. सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होने के बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोडी सिंह बैंसला की अगुवाई में आज महापंचायत हुई. महापंचायत में फैसले के बाद शाम 4 बजे आंदोलन का ऐलान किया गया.

इस बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुर्जर आरक्षण आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले भी उनकी बात सुनी थी और अब भी सुनेगी. गहलोत ने कहा कि सरकार समाधान के लिए बेहद गंभीर है और राज्य सरकार के स्तर पर गंभीर प्रयास किया गया है.

लोकसभा चुनावों से पहले गुर्जर आरक्षण के मुद्दे के फिर चर्चा में आने के बीच, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार को गुर्जर आरक्षण के मामले में आई कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और पार्टी गुर्जर आरक्षण के मुद्दे पर प्रतिबद्ध है और न्याय दिलाकर मानेगी. पायलट ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़ों को दस प्रतिशत आरक्षण देने के केंद्र सरकार के फैसले का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘केंद्र सरकार ही इस काम को कर सकती है. मैं तो केंद्र सरकार से भी आग्रह करूंगा कि जिस प्रस्ताव को विधानसभा पारित कर चुकी है. कई बार हमारी सरकारों ने इसे स्वीकृति दी, पिछली सरकार ने भी दी… तो केंद्र सरकार को इसका भी गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए.” पायलट ने कहा, ‘‘पांच प्रतिशत के इस (गुर्जर) आरक्षण में जो कानूनी अड़चनें आई हैं (केन्द्र को) उनका समाधान निकालने के लिए काम करना चाहिए।” उल्लेखनीय है कि गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने मंगलवार को कहा था कि सरकार ने यदि गुर्जर और चार अन्य जातियों को पांच प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया तो आठ फरवरी से राज्य में गुर्जर आरक्षण आंदोलन फिर से शुरू किया जायेगा.

एएनआई के मुताबिक आंदोलन कर रहे गुर्जर समुदाय के लोगों का कहना है कि, ‘हमारे पास अच्छे सीएम और एक अच्छे पीएम हैं. हम चाहते हैं कि वो गुर्जर समुदाय की मांगों को सुनें. उनके लिए आरक्षण प्रदान करना कोई कठिन काम नहीं है.’

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