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कार्यकाल ख़तम होने से 9 महीने पहले ही गवर्नर उर्जित पटेल ने दिया इस्तीफा

आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल अपनी पद से नीचे उतरे। पटेल का इस्तीफा वित्त मंत्री अरुण जेटली की केंद्रीय बैंक की “उधार देने वाली” की आलोचना के कुछ दिन बाद आता है। उर्जित ने अपने इस फैसले के पीछे अपनी निजी वजह बताई है पर ये बात किसी से छुपी नहीं है की उनके और केंद्र सरकार के बीच काफी समय से मतभेद की स्तिथि बनी हुई थी. मोदी सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बीच टकराव के बीच गवर्नर उर्जित पटेल ने इस्तीफा दे दिया है.सरकार के सेक्शन 7 के उपयोग करने को लेकर ये तनातनी चल रही थी।

पिछले दिनों आरबीआई की बोर्ड बैठक के बाद खबर आई थी कि सरकार और उर्जित पटेल  के बीच चीजें ठीक हो गई हैं, लेकिन सोमवार को अचानक उन्होंने इस्तीफा दे दिया. खबरों के मुताबिक केन्द्र सरकार और आरबीआई के विवाद के बीच केन्द्र सरकार द्वारा आरबीआई के खजाने में पड़े सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर था. रिपोर्ट के मुताबिक केन्द्र सरकार केन्द्रीय रिजर्व से अधिक अंश की मांग कर रहा था.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सेक्शन 7 के तहत सरकार रिजर्व बैंक को आम जनता के हितों को लेकर निर्देश दे सकती है। इस सेक्शन का अब तक उपयोग नहीं हुआ था। दूसरी तरफ, यह बात भी सामने आ रही है की सरकार रिजर्व बैंक से 3.60 लाख करोड़ रुपये की मांग कर रही है, जिसका आरबीआई ने विरोध किया है. इन सब मुद्दों पर सरकार और उर्जित पटेल के बीच लगातार खटास की खबरें आती रहीं. सरकार और उर्जित पटेल के विवाद के बाद रिजर्व बैंक ने बोर्ड बैठक भी बुलाई थी। इसमें कई मुद्दों पर बातचीत हुई थी। और यह कहा गया की अब सब मामला सही है। जानकारों के मुताबिक उर्जित पटेल के इस्तीफे का बड़ा असर शेयर बाजार पर पड़ेगा। शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आ सकती है।

 

 

 

 

 

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी उर्जित पटेल को आरबीआई डिप्टी गवर्नर और गवर्नर दोनों पदों पर देश की सेवा करने के लिए उनकी प्रशंसा की। और भविष्य के लिए उन्हें शुभकामनाएं भी दी

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