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बड़ी खबर : 83 पूर्व अफसरों का सरकार को खुला खत, माँगा CM योगी से इस्तीफा

बुलंदशहर हिंसा में हर दिन तबदीली होती रहती है. हाल ही में स्याना पुलिस ने महाब के जंगलों में हुई गोकशी की घटना में फरार तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीँ दूसरी ओर हिंसा पर राज्य के पूर्व नौकरशाहों ने योगी सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया है. करीब 83 रिटायर्ड नौकरशाहों ने बुलंदशहर हिंसा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग की है .गोकशी के नाम पर पैदा हुए तनाव और हत्या को लेकर कई पूर्व नौकरशाहों में नाराज़गी है. अपने खत के द्वारा पहली बार खुल कर सरकार के खिलाफ बात रखी गयी है . अपने खुले खत में रिटायर्ड अफसरों का कहना है कि योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर हिंसा को गंभीरता से नहीं लिया. इसके अलावा वह सिर्फ गोकशी केस पर ध्यान दे रहे हैं.

पूर्व नौकरशाहों का ये खत तब सामने आया है जब बुलंदशहर हिंसा की जांच SIT ने पूरी कर ली है. जांच में खुलासा हुआ है कि हिंसा से पहले गोकशी हुई थी. इस आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा मांगने वालों में पूर्व अफसर बृजेश कुमार, अदिति मेहता, सुनील मित्रा जैसे बड़े अफसर शामिल हैं. अफसरों ने आरोप लगाया कि बुलंदशहर हिंसा को राजनीतिक रंग दिया गया है. आपको बता दें कि ये खुला खत सोशल मीडिया पर इन दिनों वायरल हो रहा है, इसमें दावा किया गया है कि 83 अफसर इनके साथ हैं.

अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इससे पहले भी कई मसलों पर खुला खत लिखा है. बुलंदशहर हिंसा को लेकर उन्होंने कहा कि एक पुलिस वाले की भीड़ द्वारा हत्या किया जाना बहुत दर्दनाक है, इससे राज्य की कानून व्यवस्था पर कई तरह के सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने अपील की है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए और हिंसा से जुड़े पूरे मामले की जांच होनी चाहिए.

3 दिसंबर, 2018 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गोकशी की खबर के बाद हिंसा फैल गई थी. इस दौरान भीड़ ने बुलंदशहर की स्याना पुलिस चौकी पर हमला किया था, इसी में पुलिसकर्मी सुबोध कुमार सिंह की मौत हो गई थी. इस हिंसा में एक अन्य युवा की भी मौत हुई थी.

बुलंदशहर हिंसा को लेकर 83 पूर्व नौकरशाहों द्वारा खुद के इस्तीफे की मांग पर सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कहा, जो भी लोग इस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं, उनकी कोशिश खुद विफलताओं को छुपाने की है, उन्हें इस मामले में सरकार की सराहना करनी चाहिए क्योंकि बुलंदशहर की घटना एक राजनीतिक साजिश थी और ऐसा वो लोग करते है जो कायर होते हैं. बुलंदशहर की साजिश के पीछे वही लोग है, जो जहरीली शराब पिलाकर लोगों को मारा करते थे, प्रदेश सरकार अब ऐसी किसी भी साजिश को सफल नही होने देगी, यूपी में कानून का राज कायम होगा. साजिश करने वाले लोग ही अब अपने पैरों के नीचे की जमीन खिसकते देख गले (गठबंधन) मिल रहे हैं.

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