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ग्रामीण महिलाओं ने अपने घर को बनाया ‘बियर-बार’, पटना में मात्र 70 रु बोतल बिक रही शराब

 शराबबंदी को सफल बनाने के लिए सरकार एक ओर जहां लाखों रुपए खर्च कर सूबे में जागरुकता अभियान चला रही है वहीं दूसरी ओर इस बंदी को सख्ती से लागू करने को लेकर पुलिसकर्मियों को हरसंभव कार्रवाई सुनिश्चित करने की छूट भी दे रखी है। इसके बावजूद भी इलाके में शराब चुलाने और बेचने का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। बहुत दूर नहीं, नौबतपुर-मसौढ़ी की सीमा पर स्थित कराय मुसहरी में यह धंधा चल रहा है। पुनपुन नदी के पास बसा यह गांव शराब पीने वालों के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है।


यहां महिलाएं बेखौफ होकर खुलेआम शराब बनाती हैं और अपने घर में ही ग्राहकों बुलाकर उन्हें शराब का सेवन कराती हैं। कराय मुसहरी में दूर दराज से लोग शराब पीने आते हैं। शाम होते ही मुसहरी में सड़क किनारे दर्जनों मोटरसाइकिल लग जाती हैं और देर शाम तक शराब पीने और पिलाने का बेखौफ दौर शुरू हो जाता है। स्थानीय लोग बताते हैं कि दो सौ घरों की इस बस्ती में लगभग हर घर में शराब चुलाने और बेचने का धंधा चलता है। पुलिस भी इस इलाके में कम पहुंचती है। इस मुसहरी में पुलिस की गश्ती भी कम होती है।कराय मुसहरी में अन्य जगहों के मुकाबले कम दर पर शराब मिलती है।

यहां एक बोतल महुआ शराब 70 रुपए में मिल जाती है जबकि अन्य जगहों पर इसकी कीमत 100 रुपए प्रति बोतल होती है। कम कीमत पर शराब मिलने और उपर से पुलिस का कोई भय नहीं होने के कारण ही दूरदराज से हर रोज लगभग 150 लोग शराब पीने आते हैं।ग्रामीणों के हमले से डरती है पुलिस : कराय मुसहरी मसौढ़ी-कराय मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित है। यहां महुआ शराब का कारोबार सड़क किनारे से ही शुरू रहता है वह भी खुलेआम। फिर भी पुलिस इसे रोकने में विफल है। पुलिस भी गश्त करने से कतराती है। पुलिस को हमले का डर रहता है। थानाध्यक्ष बोले- बंद कराएंगे कारोबार: मसौढ़ी के थानाध्यक्ष सीताराम साह का दावा है कि कराय मुसहरी में शराब का कारोबार जल्द ही बंद हो जाएगा। शराब कारोबारियों के खिलाफ पुलिस सख्ती से पेश आएगी। अभी-अभी बंदरोंई गांव में छापेमारी कर शराब का धंधा बंद कराया है।

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